Wednesday, January 20, 2010

वसंत पर्व पर...

शुभ वासन्ती पर्व है, अनुपम अवसर ज्वार,
संयम, सेवा, साधना, सुविचारी पतवार!
इसे थामकर जो चलें, बाँटें जग को प्रीत,
वे ही पाते प्यार गुरु का, तरते सागर पार!!

- रोहित श्रीवास्तव 'अथर्व'

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